क्यों बढ़ रही हैं बीमारियां और वजन

क्यों बढ़ रही हैं बीमारियां और वजन

एक सर्वे के मुताबिक - 50 फीसदी जनसंख्या "फिजिकली एक्टिविटी" के हिसाब से अनफिट है। देश की 53 फीसदी महिलाओं की शारीरिक क्रियाशीलता या फुर्ती (एक्टिविटी) आवश्यक स्तर से कम है। करीब 48 फीसदी पुरूष भी शारीरिक या मानसिक रूप से सक्रिय नहीं हैं।
 

स्वास्थ्य को लेकर अवलोकन/सर्वे करने वाला एप "हेल्थीफाई मी" के अनुसार 25 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 10 लाख भारतीय लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी आदतों पर फोकस किया।

 

क्या कहता है सर्वे

"फिजिकली एक्टिविटी लेवल ऑफ इंडियंस"
एक नतीजे के मुताबिक स्वस्थ्य व मस्त रहने के लिए स्त्री-पुरुषों को रोज कितनी कैलोरी खर्च करना आवश्यक है
 

कितनी कैलोरी बर्न करें महिलाएं

 
महिलाओं को एक दिन में  374 कैलोरी बर्न करना चाहिए, जबकि वे केवल 170 से 180 तक ही यानि 44 फीसदी कैलोरी बर्न यानि खर्च कर पाती हैं, इसका दुष्परिणाम यह होता है कि
【】शरीर वजनी होने लगता है।
【】मासिक धर्म की क्रियाएं अस्त-व्यस्त हो जाती हैं। 
【】लिकोरिया यानि व्हाइट डिस्चार्ज, श्वेत प्रदर जैसे स्त्रीरोग तन को चौपट कर देते हैं।
बाल झड़ने लगते हैं।
【】बाल गुच्छों के रूप में टूटने लगते हैं
【】सुन्दरता घटने लगती है।
【】चेहरे पर झाइंया पड़ने लगती हैं
【】कम उम्र में ही बुढ़ापे के लक्षण आने लगते हैं।
 

पुरूष कितनी कैलोरी बर्न (खर्च) करें 

पुरुषों को रोज 476 कैलोरी बर्न करना जरूरी है, लेकिन वे केवल 265 के लगभग यानि 48% ही बर्न कर पाते हैं। शारीरिक सक्रियता से इसका सीधा सम्बन्ध होता है।
स्वभाव चिढ़-चिढ़ा हो जाता है।
 

क्या होती है - कैलोरी (calories)

यह ऊर्जा की इकाई है। यह मापन की मीटरी पद्धति का अंग है कैलोरी (calories) मानव शरीर में ऊर्जा की एक मात्रा है, जो शारीरिक क्रियाकलापों (एक्टिविटीज) के नियंत्रण के लिए जरूरी है। कैलोरी की यह मात्रा आहार के माध्यम से एवं त्रिदोष नाशक हर्बल मेडिसिन (अमृतम गोल्ड माल्ट) द्वारा प्राप्त की जा सकती है।

बीमारियों का बुलावा 

अधिक कैलोरी युक्त आहार का लगातार सेवन मोटापे का कारण बन सकता है, जिससे विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारियां जैसे - हायपरटेंशन, ह्रदयघात, केलोस्ट्रोल बढ़ना, सूजन, जकड़न-अकड़न, वातरोग (अर्थराइटिस) एवं थायराइड आदि समस्याएं हो सकती है।

जो स्वस्थ्य है, वही मस्त है

देश का परिवेश बदलने के लिए सदैव सबको स्वस्थ्य रहना अति आवश्यक है। इसके लिए संतुलित पोषक आहार अमृतम आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन, कड़ी मेहनत और परिश्रम, व्यायाम बहुत जरूरी है।

देश की चिन्ता

आयुष मंत्रालय के आयुर्वेदिक चिकित्सकों
के अनुसार यह बड़ी चिन्ता की बात है कि भारत की 50 फीसदी जनसंख्या शारीरिक सक्रियता अर्थात "फिजिकली एक्टिविटी" के हिसाब से अनफिट है। आलस्य और शारीरिक शिथिलता के कारण रोगियों की संख्या में दुगुनी गति से वृद्धि हो रही है। ज्यादा आराम, पुराने नियमों को न अपनाना यही रोज-रोज की बीमारियों का कारण हैं।
सुख-सुविधा सम्पन्न जीवन हर किसी को रोगी बना रहा है। अनियमित दिनचर्या, रोजमर्रा की खराब आदतें, प्रदूषित वातावरण और दूषित खानपान की वजह से हाइपरटेंशन जैसी खतरनाक बीमारी से रोज हजारों लोग परेशान हो रहे हैं।

 कैलोरी बर्न न होने के घातक परिणाम

आने वाले समय में हाइपरटेंशन के मरीज़ों में भारी बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। एक सर्वे के हिसाब से  सन 2020 तक कुल जनसंख्‍या की एक तिहाई आबादी हाइपरटेंशन से पीड़ित हो जाएगी।
हाइपरटेंशन जैसा साइलेंट किलर नामक रोग 1980 से यह रोग बड़ी तेज़ गति से बढ़ रहा है। वर्तमान समय में हाइपरटेंशन के मामलों में भारत के शहरी इलाकों में 20 से 40 प्रतिशत और गांवों में 12 से 17 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हुआ है। यह और अधिक भी हो सकता है। इसका दुष्प्रभाव गुर्दे (किडनी) हृदय पर पड़ता है।सबसे फिक्र की बात यह है कि हाइपरटेंशन की शिकार कम उम्र के बच्चे-बच्चियां एवं महिलाएं ज्यादा हो रही हैं।

कैलोरी बर्न (Calorie burn) करने के उपाय

व्यक्तियों में अधिक वजन का कारण कैलोरी बर्न (खर्च) (Calorie burn) न कर पाना है, जो व्यक्ति मोटापे से परेशान हैं, तथा अपने वजन को कम करना चाहते हैं, वे व्यक्ति कम कैलोरी युक्त आहार का सेवन कर अपना वजन घटा सकते हैं। इसके लिए

एक बेहतरीन आयुर्वेदिक योग है।

[caption id="attachment_2967" align="aligncenter" width="300"] ORDER AMRUTAM GOLD MALT NOW[/caption]
 
अमृतम गोल्ड माल्ट का सेवन आंखों,
मस्तिष्क और हृदय को स्वस्थ्य रखता है।
इससे हार्मोन्स भी संतुलित रहता है।
इसे नियमित लेने से भूख व खून की कमी दूर होती है और दिल की बीमारी का खतरा भी कम होता है।
मोटापा कम करने हेतु
अमृतम गोल्ड माल्ट लेने का तरीका
सुबह खाली पेट 2 चम्मच माल्ट एक कप
गर्म पानी में मिलाकर लेवे। एक दिन में इसे 3 से 4 बार खाने से पहले लेने से शरीर की चर्बी गलने लगती है।
यह बिना किसी नुकसान के यह 3 से 6 महीने में शरीर की फिजूल चर्बी गलाकर शरीर को
इकहरा बनाने में सहायक है।

 

RELATED ARTICLES

ब्रेन की गोल्ड माल्ट के 19 चमत्कारी लाभ | 19 Magical Gains of Brainkey Gold Malt
ब्रेन की गोल्ड माल्ट के 19 चमत्कारी लाभ | 19 Magical Gains of Brainkey Gold Malt
How to wash your Hair: The Amrutam Way of doing it
How to wash your Hair: The Amrutam Way of doing it
How to have a Healthy Liver?
How to have a Healthy Liver?
How Ayurveda can help improve digestion in body?
How Ayurveda can help improve digestion in body?
अब कम उम्र वाली महिलाएं भी हो रही हैं, संतान सुख से वंचित।  क्या हैं कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार?
अब कम उम्र वाली महिलाएं भी हो रही हैं, संतान सुख से वंचित। क्या हैं कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार?
आंखों के लिए एक चमत्कारी माल्ट और नेत्र रोग नाशक दुर्लभ वैदिक मंत्र, जो 25 प्रकार के नेत्रदोष दूर करता है।
आंखों के लिए एक चमत्कारी माल्ट और नेत्र रोग नाशक दुर्लभ वैदिक मंत्र, जो 25 प्रकार के नेत्रदोष दूर करता है।
दांतों की सड़न (पायरिया रोग), हिलना, टूटना, जड़े कमजोर होना आदि दंत विकारों का आयुर्वेद में चमत्कारी चिकित्सा है।
दांतों की सड़न (पायरिया रोग), हिलना, टूटना, जड़े कमजोर होना आदि दंत विकारों का आयुर्वेद में चमत्कारी चिकित्सा है।
सिर में दर्द रहता है। क्या आप डिप्रेशन, डिमेंशिया, दिमागी परेशानी से भयभीत हैं, तो इस अध्यात्मिक ब्लॉग को पढ़िए!
सिर में दर्द रहता है। क्या आप डिप्रेशन, डिमेंशिया, दिमागी परेशानी से भयभीत हैं, तो इस अध्यात्मिक ब्लॉग को पढ़िए!

Learn all about Ayurvedic Lifestyle