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नवयुवतियों, युवाओं
महिलाओं-पुरुषों हेतु
जो रूसी का नाशकर
केशों को पतन से बचाता है।
कुन्तल केयर बास्केट में
"हेयर की केयर"
करने वाले इसमें
शेम्पू,
हेयर ऑयल
और हर्बल माल्ट
के रूप में 4 रत्न हैं।
जो बालों की सम्पूर्ण चिकित्सा
हेतु उपलब्ध हैं।
अमृतम का एक ऐसा हर्बल
प्रोडक्ट है जिसे आधुनिक
जीवन शैली के अनुरूप
देशकाल परिस्थितियों के
अनुसार निर्मित किया है।
कुन्तल केयर हर्बल हेयर स्पा
दुनिया का पहला
चिकनाहट व चिपचिपाहट रहित
हर्बल उत्पाद है।
यह बालों की जड़ो में समाहित
होकर तत्काल सूख जाता है।
इसमें 27 से अधिक
प्राकृतिक जड़ीबूटियों
के काढ़े की तासीर
रची-बसी है।
१- शिकाकाई
२- मेहन्दी
३- ब्राह्मी
४- शंखपुष्पी
५- भृङ्गराज
६- बादाम गिरी
७- नारियल गोला
८- गेहूं सत्व
९- सीताफल के बीज
आदि के घनसत्व से निर्मित है।
सभी आवश्यक घटक द्रव्यों,
जड़ीबूटियों को साफकर
जौ समान कूट लेते हैं,
इसे जौकुट कहते हैं।
तत्पश्चात जौकुट की गई
ओषधियों को 16 गुने पानी
में 24 से 30 घंटे तक गलाकर
मंदी आँच (अग्नि) में जल दोगुना
होने तक पकाते हैं।
जैसे-10 किलो जौकुट दवाओं
को 160 लीटर पानी में
24 से 30 घंटे गलाकर,
फिर इतना उबालना कि
वह 30 से 35 लीटर तक
काढ़ा रूपी पानी शेष
बचने पर छानते हैं।
उबलने की यह प्रक्रिया
4 से 5 दिन में पूरी हो पाती है।
पुनः छने काढ़े को
12 से 15
दिन तक बहुत धीमी आग में
इसलिए उबालते हैं,ताकि
रसोषधियों का स्वाभाविक
तत्व व मूल असर क्षीण
न हो जाए।
कुन्तल केयर के इस काढ़े को
खदका-खदका कर
बहुत गाढ़ा होने तक
उबालते हैं।
फिर ठंडा होने के बाद
मानसिक शांति हेतु इसमें
!!*नागर मोथा का सत्व
!!*बालछड़ का अर्क
!!*तुलसी का रस
!!*पुदीना का सत्व
!!*सुगंधित द्रव्य मिलाकर
पैक किया जाता है।
स्पा बनाने की यह प्राचीन
परम्परा
"केरल प्रान्त" में
हजारों वर्षों से उपयोग में
लाई जा रही है।
बुजुर्ग महिलाओं के बाल भी
बहुत लम्बे,काले,घने बने रहते हैं।
क्योंकि यह
रूसी (डैंड्रफ)
का सालों से
इस्तेमाल कर रही हैं।
यदि आप भी बाल की खाल
एवं जड़ों को कमजोर
करने वाला खतरनाक
परेशान हो रहे हैं,तो एक बार
कुन्तल केयर हर्बल हेयर स्पा
का 1 माह तक नियमित
उपयोग करें।
यह हर 2 या 3 दिन में वापस
आने वाला रूसी रोग (Dandruff)
को आने से रोककर जड़ से
मिटा देता है।
7 दिनों में ही असर दिखने लगता है।
इसे लगाकर तुरन्त बाल धोने की
जरूरत नहीं पड़ती !
को जड़ों में हल्के हाथ यानि
उंगलियों की पोरों से बालों की
जड़ों में लगाकर 15 से 20
मिनिट बाद कंघी कर कहीं
भी आ-जा सकते हैं। यह
"रूसी (Dandruff) GONE
With
"NO चिपचिपाहट"
शुद्ध हर्बल फार्मूला है
हर्बल मेडिसिन बनाने की
प्रक्रिया बहुत ही जटिल,
कठिन और खर्चीली है।
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2 thoughts on “रूसी के लिए आयुर्वेदिक उपायें | Ayurvedic Remedy for Dandruff”
Rohit
I need dandruff treatment. Please help
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