पित्त प्रकोप के दुष्प्रभाव | Pitta Prakop ke Dushprabhav

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पित्त प्रकोप के दुष्प्रभाव | Pitta Prakop ke Dushprabhav

जाने 20 तरह के
"पित्त प्रकोप के दुष्प्रभाव"

वंगसेन सहिंता में कहा है::--

पित्त शरीर में पिता की तरह

रक्षा करता है लेकिन पित्त के
कुपित होते ही तन व्याधियों
से भर जाता है।

"पित्त का प्रकोप"
मन-वचन स्थिर नहीं होने देता।
मेटाबोलिज्म बिगाड़ देता है।

पित्त के दुष्प्रभाव-

1- सदैव मानसिक अशांति बनी रहती है।
2- मन-मस्तिष्क चंचल हो जाता है।
3- स्थिरता नष्ट हो जाती है।
4- बहुत लम्बे समय तक किसी
काम में मन नहीं लगता।
5- पाचनतंत्र पूरी तरह खराब हो जाता है।
6- पेट में तकलीफ रहती है।
7- कब्ज,आवँ हो जाती है।
8- समय पर भूख नहीं लगती।
9- हमेशा एसिडिटी बनी रहती है।
10- खट्टी डकार आती है।
11-खाना पचता नहीं है।
12- उदर में गर्मी बनी रहती है।
13- तन निराशा से निस्तेज हो जाता है।
14- काम की कामनाएँ नष्ट हो जाती है।
15- शरीर कमजोर हो जाता है।
16- बात-बात पर गुस्सा आता है।

17- धैर्य-धीरज नहीं रहता।
18- हर काम को करने की जल्दी रहती है।
19- सिरदर्द,तनाव बना रहता है।
20- हमेशा नकारात्मक विचार आते हैं।

आचार्य के विचार-

"पित्त नाशक उपाय"

प्रसिद्ध उपन्यासकार

आचार्य श्री चतुरसेन

ने अपने संस्मरणों
में जिक्र किया है कि मैं पित्त से बहुत
पीड़ित होने के कारण सदा मेरा मानसिक
()- सन्तुलन असामान्य रहता था।
()- मन में अशांति बनी रहती थी।
()- पाचन तन्त्र निष्क्रिय हो चुका था।
()- पेट में असहनीय दर्द रहता था।
()- जीने की ललक-लालसा मिट चुकी थी।

ज्ञान मिला,तो मिटा गिला-

मुझे अचानक आयुर्वेद की एक बहुत
प्राचीन किताब मिली।
पुस्तक में लिखा था

पित्त से परेशान लोगों को
अधिक से अधिक वृक्षारोपण
करना चाहिये।

इसी तारतम्य में मैंने
बेलपत्र, आंवला के 5-5 पेड़ लगा दिये।
और निरन्तर आयुर्वेदिक दवाएँ
लेता रहा।
उन्होंने लिखा है
अमृतम हर्बल दवाएँ
हर-बल दायक है।
ये रोगों को ठीक करने में
थोड़ा समय अवश्य लेती हैं
लेकिन जड़-मूल से विकारों
का सफाया भी कर देती हैं
मैं जीवन भर हर्बल दवाओं
का सेवन कर प्रसिद्ध
उपन्यास कर बन पाया।
आगे बताया कि-
वैद्य पर विश्वास एवं
वृक्षारोपण की आस
से सदा स्वस्थ्य रहा ।

मुझे कुछ ही समय में बहुत लाभ
महसूस हुआ।
!!!- मेरा तन-मन अच्छा होने लगा,
!!!- काम में मन लगने लगा।
!!!- भूखवृद्धि हो गई।
!!!- स्वभाव में बहुत मिठास आने लगी।
!!!- सकारात्मक विचारों का
उत्पादन होने लगा।

फिर,मैंने जीवन भर 40 हजार
से अधिक वृक्षों का रोपण किया
और अन्य लोगों को
भी प्रेरित किया।

वृक्ष व वेद्यों के साथ
ने कभी रात में बेचैन
नहीं किया। न वात-विकार
ने सताया, न कभी हाथ-लात
में दर्द हुआ।

निवेदन-
पित्त रोग से पीड़ित प्राणियों
को एक बार वृक्षारोपण अवश्य
करना चाहिए।

अमृतम चिकित्सा-

आयुर्वेदिक ओषधि के रूप में
"अमृतम फार्मास्यूटिकल" ग्वालियर
द्वारा
गुलकन्द,द्राक्षा,
त्रिफला मुरब्बे
एवं पित्तनाशक जड़ीबूटियों से निर्मित

जिओ माल्ट

का सेवन करना चाहिये।

अमृतम का यह उदघोष भी है

जिओ खाओ
जुग-जग जियो

पीड़ित जन पूरी तरह
पित्त का पतन
करने हेतु
इसे कम से कम 3 माह तक
लगातार लेवें ।

पित्त का जाल

पित्त रोग बनता है उदर की
खराबी से और ये 8 से 10
साल बाद प्रकट होता है,तब तक
तन विषाक्त हो चुका होता है।

अन्य चिकित्सायें भी पित्त प्रकोप
में वृद्धि करती हैं।

जिओ माल्ट
पूर्णतः आयुर्वेदिक चिकित्सा है।
यह पित्त को दबाता नहीं है,अपितु
धीरे-धीरे जड़ से रोग मुक्त करता है।

जिओ माल्ट
शुद्ध हर्बल ओषधियों द्वारा
निर्मित होने से उदर को रोगों को
बिना किसी नुकसान के ठीक करने
में मदद करता है।
इसलिए इसे
3 माह तक लेना आवश्यक है।

प्राकृतिक अमृतम उपाय-

1- सुबह उठते ही आधा से 1 लीटर
पानी पीने का प्रयास करें।
2- दिनभर में 5 से 8 लीटर तक पानी पियें।
3- रात्रि में फल,जूस दही का सेवन न करें।
4- रात्रि के खाने में अरहर की दाल का त्याग करें।
5- सप्ताह में 2 से 3 बार मूंग की दाल के साथ
भोजन जरूर करें।

जिओ माल्ट के द्रव्य-घटक,
जड़ीबूटियों,ओषधियों का
विस्तृत वर्णन बीते ब्लॉग में बताये
गए हैं।
हमारी वेवसाइट
amrutam.co.in

पर स्वास्थ्य वर्द्धक बहुत सी ऐसी दुर्लभ
जानकारियों का भंडार है
जिसे पढ़कर अद्भुत होकर
सहजता व सरलता महसूस करेंगे।

आगे पढ़ें
केशवर्द्धक हर्बल दवाओं
की जानकारी

बाल ही बल हैं-

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बालों के लिए

रात्रि में सोते समय
शुद्ध हर्बल काढ़े से निर्मित

कुन्तल केयर हर्बल हेयर स्पा

(नो चिप-चिप हर्बल फार्मूला)

बालों की जड़ों में रोज अच्छी तरह
लगाकर सोएं, तो 4-5 दिनों में ही

झड़तेबालों को ताले लगा देता है ।

सभी प्रकार के केशरोगों में
यह लाभ दायक है।

27 प्रकार के केशरोगों में उपयोगी
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आयुर्वेदिक चिकित्सा

"सात दिनों में ही असर दिखाए"
^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^

1- कुन्तल केयर हर्बल हेयर माल्ट

2- कुन्तल केयर हर्बल हेयर ऑयल

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