सोमरोग एक खतरनाक स्त्री रोग

Read time : min

महिलाओं के शरीर को जर्जर करने वाला- 
सोम रोग
 
क्या है सोम रोग- "अमृतम मासिक पत्रिका" के अनुसार स्त्री की योनि से जब निर्मल, शीतल, गंधरहित, साफ, सफेद और पीड़ारहित सफेद पानी लगातार बहुत ज्यादा बहता रहता है, तब महिला  सफेद पानी के वेग को रोक नहीं पाती इसे
अमृतम आयुर्वेद में सोमरोग कहा गया है ।

 

सोमरोग के कारण स्त्री एकदम कमजोर हो जाने की वजह से बेचेनी बनी रहती है  ।
@ माथा शिथिल हो जाता है
@ मुख और तालु सूखने लगते हैं  ।
@ आलस्य,बेहोशी होती है ।
@ दिनभर जंभाई आती रहती है ।
@ चमड़ा रुखा हो जाता है ।
@ त्वचारोग खुजली आदि होने लगती है ।
@ प्रलाप, रोते रहने की इच्छा रहती है ।
@ जीवन के प्रति रुझान,
लगाव मिट जाता है ।
@ जीने की इच्छाशक्ति खत्म हो जाती है ।
@ आत्मविश्वास टूट जाता है ।
@ सेक्स की इच्छा खत्म होने से
पुरुष भटक जाता है
@ खाने-पीने का मन नहीं करता ।
@ कुछ भी अच्छा नहीं लगता ।
@ जीवन बोझ हो जाता है ।
@ जीभ स्वाद हीन हो जाती है ।
@ खाया-पिया पचता नहीं है ।
@  हमेशा कुछ अतृप्ति, 
अपूर्णता महसूस होती है ।
@ स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है ।
@ कहीं आने-जाने और बात करने
 की इच्छा नहीं होती ।
@ गर्भ नहीं ठहर पाता ।
@ सुंदरता, खूबसूरती नष्ट हो जाती है ।
 
 जिस रोग में ये लक्षण प्रगट होते हैं, उसे सोम रोग कहते है । अमृतम आयुर्वेद में कई तरह के स्त्रीरोगों  के बारे में बताया है । "सोमरोग" को असाध्य स्त्री रोगों में गिना जाता है ।  जब किसी स्त्री का सोमरोग पुराना हो जाता है, तब "मूत्रातिसार" अर्थात बार पेशाब आना, प्रमेह, मधुमेह
 आदि परेशानी पैदा होने लगती है ।
 ओरत जरा सी देर भी पेशाब रोक नहीं पाती ।
 
 दुष्परिणाम यह होता है कि तन-मन का सारा बल, ऊर्जा, शक्ति नष्ट होकर मरनासन्न स्थिति में पहुंच जाती है । अमृतम आयुर्वेद  ही एक मात्र स्थाई इलाज है । इसके अलावा किसी अन्य चिकित्सा पध्दति या पेथी में स्थाई कोई इलाज नहीं है । आयुर्वेद की प्राकृतिक चिकित्सा छोड़कर लगातार अन्य पेथी का इलाज शरीर को जीर्ण-शीर्ण कर देता है ।
 यदि बचपन से ही केवल
आयुर्वेद ओषधियाँ ली
 जावें, तो हर कोई निरोग
रहते हुए शतायु (100)
 वर्ष की आयु पा सकता है ।

 सोमरोग की उत्पत्ति

जिन कारणों से "प्रदररोग" (लगातार सफेद पानी आना) होता है । इसे leucorrhea, (लिकोरिया)
white discharge (व्हाइट डिस्चार्ज)
भी कहते हैं । प्रदररोग के विषय में पिछले लेख (ब्लॉग) में amrutam.co.in विस्तार से देख
पढ़ सकते हैं ।
प्रदररोग की समय पर आयुर्वेदिक चिकित्सा न
होने, लापरवाही तथा पुराना होने से
यही "सोमरोग" कहलाता है ।
यह असाध्य रोग की श्रेणी में आता है ।

कैसे होता है सोमरोग

यह भयंकर खतरनाक स्त्री रोग है ।
अति मैथुन और बिना खाये-पिये कड़ी मेहनत
करने से शरीर के रस, रक्त (खून) जैसे पतले पदार्थ और पानी शरीर में अपने-अपने स्थान छोड़कर  मूत्र की थैली में आकर जमा हो जाते हैं तथा   वहाँ से पेशाब मार्ग से हर समय या अनियमित। समय पर रिसने या बाहर गिरा करते हैं ।

सोमरोग की चिकित्सा-

आयुर्वेद ग्रंथ अनेकों अनुभव अंकों में पुराने वैधों
ने कई अद्भुत असरकारक उपाय सुझाए हैं, लेकिन  इन प्राकृतिक ओषधियों, जड़ी-बूटियों को समझना मुश्किल होता है । बाजार में उपलब्ध उतनी शुद्ध। नही होती तथा बहुत महंगी भी होती है । घर में इनके निर्माण में बहुत श्रम व्यय होता है ।
आज की भागम-भाग जिंदगी में यह सब कर पाना दुर्लभ कार्य है ।
 
"अमृतम फार्मास्युटिकल्स"
द्वारा खोजी गई आयुर्वेद के  कुछ प्राचीन आसान उपाय प्रस्तुत हैं, जिन्हें आप घर पर सहजता-सरलता पूर्वक बनाकर अपना एवम दूसरों का भी भला कर सकते हैं ।
 
वेद वाक्य
 
आदिकालीन सत्य है कि जिस देश या घर में  महिला के चरित्र की रक्षा सम्पूर्ण सुरक्षा होगी, उसे माँ-बहिन की तरह पूज्यनीय माना जायेगा ।
स्त्री के स्वास्थ्य का ध्यान और खुश रखा जाएगा
उस जगह कभी कोई आपदा, परेशानी,हानि नहीं आएगी । ये ऋषि-मुनियों के मत है ।
वेद-पुराणों में स्त्री को प्रकृति का दर्जा दिया है ।
सारी सृष्टि प्रकृति (स्त्री) की प्रसन्नता से से खुश प्रसन्न रह सकती है ।

घरेलू अमृतम उपाय

 (अघोरी की तिजोरी से)
भिंडी की जड़, सूखा पिंडारु, सूखे आँवले, और
विदारीकंद ये सब 50-50 ग्राम,
 धुली उडद की दाल,
 मुलेठी (मधुयष्टि) दोनों 20-20 ग्राम पीस कूटकर। छान लें ।
 मात्रा- 2 या 3 ग्राम चूर्ण (पाउडर) एक दिन में
 2 या 3 बार मुँह में डालकर ऊपर से मिश्री मिला गाय का दूध पीने से एक माह में शर्तिया पुराना प्रदररोग,सोमरोग अन्य और भी स्त्री रोग दूर करने में सहायक है ।
 दूसरा उपाय- धुली उडद की दाल का आटा, मुलेठी, विदारीकंद, अमृतम मधु पंचामृत  और
 मिश्री सभी सम मात्रा में (बराबर- बराबर)
 अछि तरह मिलाकर सुबह खाली पेट गाय के दूध से दिन में 2 या 3 बार सेवन करने से भी लाभ होता है । यदि यह उपाय न कर सकें, तो अमृतम द्वारा निर्मित
कोरियर से मंगाए ।
 
 शरीर में विटामिन्स, कैल्शियम , आवश्यक तत्वों तथा प्रोटीन की पूर्ति हेतु सप्पलीमेंट के रूप में। ताउम्र अमृतम द्वारा निर्मित "नारी सौंदर्य माल्ट" का सेवन करें । यह शरीर को सुंदर व खूबसूरत। बनाये रखता है । अधेड़ उम्र की महिलाओं में। गजब का सौंदर्य बढ़ाता है । मासिकधर्म नियमित करता है । जिन महिलाओं को माहवारी बहुत कम तथा समय पर नहीं आती, कम उम्र में माहवारी का रुकना मोनोपोज़ उनके लिए यह बहुत
 असरकारक ओषधि है ।
 
 नारी सौंदर्य माल्ट के नियमित सेवन से नारी का सौंदर्य मनमोहक हो जाता है ।
 नारी सौंदर्य माल्ट के तरह के मुरब्बो, अंजीर, गुलकन्द, त्रिवंग आदि योगों से निर्मित है ।
 इस कारण अपना चमत्कारी प्रभाव 7 दिनों में
 ही दिखाने में सहायक  है ।
 
 विशेष सुंदरता वृद्धि हेतु
से पूरे शरीर में मालिश (अभ्यंग) कराएं ।
शुद्ध आयुर्वेदिक (हर्बल) ओषधियों
(Herbal Medicine) के निर्माण में रत
अमृतम हर्बल हेयर आयल,
आदि 108 दवाओं को बनाती है ।
अमृतम की सभी दवाएं- रोग मिटायें
पूर्णतः हानिरहित एवम बहुत ही लाभकारी
सिद्ध हो रहीं हैं ।
 
   !! अमृतम!!
   "हर पल आपके साथ हैं हम"
   इसी उदघोष, मूलमंत्र के साथ
   आगे के लेख (blog) में पढ़े
   योनिरोग  कितने प्रकार के होते हैं ।
इन रोगों से क्या हानि हो सकती है  ।
 
इनके कारण, लक्षण। ।
अमृतम चिकित्सा ।
रोगमुक्ति के उपाय ।
इसके अलावा एक दुर्लभ जानकारी, जो
ग्रंथ-शास्त्रों में छुपी, गुप्त पड़ी रह गई ।
 
   योनि के प्रकार --
   शास्त्रों में 20 प्रकार की योनि बताई गई हैं  जैसे
   वामनी योनि, कफजा योनि आदि । इन 20 योनियों के लक्षण, रोग, आदत अनेक लुप्त जानकारी । इन योनि के  विषय में विस्तार से आगे जानें । तथा
   योनि के अनुसार भाग्य निर्धारण सुख-दुख, धन-संपदा आदि ज्ञान बिल्कुल पहली बार
पढ़ेंगे ।
लेख ठीक लगे,तो लाइक, शेयर करने में संकोच न करें

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YOUR NEXT READ

Can You Use Ubtan on Sensitive Skin?

Ubtan for sensitive skin calls for fine powders, short contact time, and no scrubbing. Patch-test first to gently reduce redness and irritation.

Can You Use Aloe Vera Gel as a Makeup Primer?

Aloe vera gel as a makeup primer offers lightweight hydration. See how to layer it, prevent pilling, and pair it with the right foundation for your skin.

When Should You Use Ubtan Before Makeup?

Ubtan before makeup works best 2-3 hours ahead for most skin types; get skin-specific timing and prep tips for a smooth foundation base without irritation.

Should You Wash Your Hair Before a Festival?

Know when to wash hair before a festival: timing for oily, dry, and curly hair, plus prep for braids, blowouts, and heat styling for polished festive styling.

Can You Use Ubtan With Active Ingredients?

Use ubtan with active ingredients more carefully: space retinol, acids, and vitamin C apart, watch for irritation, and protect your skin barrier each day.

Talk to an Ayurvedic Expert!

Imbalances are unique to each person and require customised treatment plans to curb the issue from the root cause fully. Book your consultation - download our app now!

Learn all about Ayurvedic Lifestyle