कंजक्टिवाइटिस: आंखों के संक्रमण का कारण और उपचार

कंजक्टिवाइटिस: आंखों की संक्रामक बीमारी के बारे में जानें
आंखों की कंजक्टिवा में होने वाले संक्रमण को कंजक्टिवाइटिस कहा जाता है। इस लेख में, हम इस बीमारी के कारण, लक्षण, फैलाव, और बचाव के तरीकों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। यह जानकारी आपको इस संक्रामक आंखों के रोग को समझने और उसके खिलाफ सही उपाय अपनाने में मदद करेगी।

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कंजक्टिवाइटिस क्या है?

हमारी आंखों में एक बहुत ही पतली और पारदर्शी झिल्ली होती है जिसे हम 'कंजक्टिवा' कहते हैं, जो हमारी पलकों के अंदर की तरफ और आंखों के सफेद भाग के ऊपर होती है।

इसमें संक्रमण होने को कंजक्टिवाइटिस या आम भाषा में 'आंख आना' कहते हैं।



यह एक संक्रामक व्याधि है, जो बहुत तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। इस लेख में, हम आपको आंखों की यह संक्रामक बीमारी - 'कंजक्टिवाइटिस' के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे।

इसके लक्षण इस प्रकार होते हैं:

✓आंखों में जलन होना
✓आंखों से पानी का बहना
✓आंखों का गुलाबी दिखना
✓आंखों में खुजली रहना और हर समय ऐसा प्रतीत होना की आंख में कुछ गिर गया है
✓ कुछ लोगों में अधिक सूजन होने से देखने की क्षमता भी काम हो जाती है।

संक्रमण कैसे फैलता है?

✓संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना
✓ऐसे रसायनों का उपयोग जो आंखों को संक्रमित कर दें।
✓धूल धूप और धुएं में अधिक रहना

संक्रमण से बचाव कैसे करें?

✓ अपने हाथों को बिना धोए या सैनिटाइज किए आंखों पर न लगाएं
✓अपने रूमाल, तौलिया, तकिया आदि चीज़ें किसी दूसरे को उपयोग न करने दें और न किसी और की ये चीजें खुद इस्तेमाल करें
✓धूल धूप धुएं से अपनी आखों को बचाने के लिए चश्मे का उपयोग करें

चिकित्सक से संपर्क कब करें?

✓आंखों में तेज़ जलन व दर्द होने पर
✓आंखों के लाल तथा खुजली युक्त होने पर
✓आखों के प्रकाश के प्रति संवेदनशील होने पर

चिकित्सा:

✓ आंखों को ठंडे ताजा पानी से धो कर उसमें चिकित्सक परामर्श के अनुसार दवाई डालें।
✓प्रकाश न सह जाने की स्थिति में कमरे में अंधेरा कर के विश्राम करें।
✓फोन स्क्रीन, टीवी स्क्रीन को काम देखें
✓ स्वच्छ रूमाल, तकिया, तौलिया आदि का उपयोग करें।
✓ आखों में जलन होने पर उसमे गुलाब जल की दो दो बूंदें डालें।
✓संक्रमण को कम करने के लिए आंखों को हल्दी युक्त पानी से दिन में दो से तीन बार धोएं।

 

 

 

 

 

 

 

डॉ. दीपा के बारे में और अधिक जानने के लिए 'रिडिस्कवरिंग आयुर्वेदा' पढ़ें

कंजक्टिवाइटिस के लिए आयुर्वेदिक दवाएँ:

Eyekey Malt आईकी माल्ट एक प्रमुख आयुर्वेदिक उपचार है जो कंजक्टिवाइटिस के लिए प्रयुक्त होता है। इसमें विभिन्न जड़ी-बूटियों और औषधियों का मिश्रण होता है जो आंखों की संक्रमण से लड़ने में सहायक हो सकता है। आईकी माल्ट के उपयोग से आंखों की जलन, पानी का बहना, और खुजली में आराम प्राप्त हो सकता है। इसके साथ ही, यह आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है और आंखों की संरचना को भी मजबूती प्रदान कर सकता है।

कंजक्टिवाइटिस के लिए त्रिफला के लाभ:

त्रिफला, जिसमें आंवला, हरीतकी और बहेड़ा होते हैं, आंखों के संक्रमण में मदद कर सकता है। इसकी एंटीऑक्सीडेंट प्रोपर्टीज आंखों को स्वस्थ रखने में सहायक होती हैं और संरचना को मजबूती प्रदान कर सकती है, जिससे आंखें संक्रमण के प्रति सहानुभूति प्रदान करती हैं।

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